खुश हूँ आज कि तुमसे मिली,
मुकद्दर की उस हद से मिली,
जिसे खोजा ताउम्र यहाँ वहाँ,
वो खाक-ए-मिट्टी कब्र में मिली।
S. S. PARVEEN
मुकद्दर की उस हद से मिली,
जिसे खोजा ताउम्र यहाँ वहाँ,
वो खाक-ए-मिट्टी कब्र में मिली।
S. S. PARVEEN
So nice
ReplyDeleteBahut khoob
ReplyDeleteSupebbbbb👌
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